नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि भले ही पार्टी की सीटों की संख्या कम हो गई हो, लेकिन उनके सिद्धांतों और विचारधारा की रीढ़ आज भी सीधी है।
“सत्ता के लिए कभी सौदेबाजी नहीं की”
मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन आलोचकों को कड़ा संदेश दिया जो कांग्रेस के खत्म होने की बात करते हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग कहते हैं कि कांग्रेस खत्म हो गई है, उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि हमारे पास सत्ता कम हो सकती है, लेकिन हमारी रीढ़ अभी भी सीधी है। हम घटे हैं पर डटे हैं।”
खड़गे ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस ने कभी सत्ता पाने के लिए अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने न तो संविधान से खिलवाड़ किया, न धर्मनिरपेक्षता छोड़ी और न ही गरीबों के अधिकारों का सौदा किया। उन्होंने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस जोड़ने की राजनीति करती है, जबकि बीजेपी तोड़ने का काम करती है।
केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप
अपने संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज बीजेपी के पास सत्ता तो है, लेकिन सच्चाई नहीं है। खड़गे ने सरकार पर आंकड़े छिपाने, जनगणना रोकने और संविधान बदलने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने उन सभी संस्थानों को कमजोर किया है जिन्हें कांग्रेस ने बनाया था। आज राष्ट्रीय संपदा के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन भी खतरे में है।” खड़गे ने आरएसएस और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन संगठनों के नेताओं ने कभी संविधान, तिरंगे और वंदे मातरम को मन से स्वीकार नहीं किया और अब वे जनता के अधिकारों को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं।
यूपीए सरकार की उपलब्धियों का जिक्र
खड़गे ने सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल को याद करते हुए उसे जनता के अधिकारों का स्वर्णिम काल बताया। उन्होंने कहा कि उस दौर में सूचना का अधिकार (RTI), शिक्षा का अधिकार (RTE), खाद्य सुरक्षा कानून, मनरेगा, वन अधिकार कानून और भूमि अधिग्रहण कानून जैसे ऐतिहासिक कानून बनाए गए, जिन्होंने आम जनता को ताकत दी।
ऐतिहासिक संदर्भ और उपस्थिति
इस कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी ने इंदिरा भवन में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
गौरतलब है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को मुंबई के दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुई थी। इसके पहले अधिवेशन में 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था और व्योमेश चंद्र बनर्जी पार्टी के पहले अध्यक्ष बने थे।









