बहरामपुर/मुर्शिदाबाद — अयोध्या में बाबरी विध्वंस की बरसी (6 दिसंबर) पर आज पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक नई सियासी इबारत लिखी गई। तमाम विरोध, कोर्ट-कचहरी और राजनीतिक निलंबन के बावजूद, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने अपने वादे के मुताबिक बेलडांगा इलाके में एक नई मस्जिद की नींव रख दी। उन्होंने ऐलान किया है कि यह मस्जिद हूबहू अयोध्या की बाबरी मस्जिद जैसी दिखेगी, बस इसका आकार थोड़ा छोटा होगा।
शाही इंतजाम और जनसैलाब
इस शिलान्यास कार्यक्रम के लिए मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में नेशनल हाईवे-12 के पास एक भव्य आयोजन किया गया। विधायक कबीर ने इसे अपनी ताकत का प्रदर्शन बना दिया।
- भीड़: कार्यक्रम में हजारों की तादाद में लोग उमड़े। कबीर का दावा है कि लाखों लोग उनके समर्थन में आए हैं।
- दावत: आने वाले समर्थकों के लिए 60,000 पैकेट शाही बिरयानी का इंतजाम किया गया था। इसके लिए सात अलग-अलग कैटरिंग एजेंसियों को काम पर लगाया गया था।
- मंच: 150 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा मंच बनाया गया, जहां से हुमायूं कबीर ने राज्य सरकार और ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दी।
हाईकोर्ट का रुख और प्रशासन की सांसें फूलीं
इस कार्यक्रम को रोकने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) में एक याचिका दायर की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने कार्यक्रम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। जज ने साफ कहा कि “शांति व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।” कोर्ट के आदेश के बाद, मुर्शिदाबाद पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर थे। इलाके में भारी पुलिस बल के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय बलों की 19 कंपनियां तैनात की गई थीं। गनीमत रही कि कार्यक्रम बिना किसी हिंसा के संपन्न हो गया।
सियासी भूचाल: “ममता अब मेरी नेता नहीं”
हुमायूं कबीर, जिन्हें दो दिन पहले ही “सांप्रदायिक राजनीति” करने के आरोप में टीएमसी ने निलंबित कर दिया था, आज पूरी तरह बागी तेवर में दिखे। उन्होंने मंच से ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “मुझे पार्टी से निकालने से कुछ नहीं होगा। मैं मुसलमानों की बात करता हूं, इसलिए मुझे निशाना बनाया गया। 2026 में ममता बनर्जी को पूर्व मुख्यमंत्री बना दूंगा।” कबीर ने ऐलान किया है कि वे 22 दिसंबर को अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में टीएमसी के खिलाफ 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे।
बीजेपी का पलटवार
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस पूरे घटनाक्रम को टीएमसी की “नूरा-कुश्ती” करार दिया है। बंगाल बीजेपी के नेताओं का कहना है कि हुमायूं कबीर को सस्पेंड करना सिर्फ एक दिखावा है। बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी जानबूझकर ऐसे मुद्दों को हवा दे रही है ताकि मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट रखा जा सके, जबकि हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण हो।
मुर्शिदाबाद, जो एक मुस्लिम बहुल जिला है, वहां इस ‘बाबरी मस्जिद रिप्लिका’ (Replica) के शिलान्यास ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या हुमायूं कबीर वाकई एक नई ताकत बनकर उभरेंगे या यह सिर्फ चुनाव से पहले का कोई सियासी स्टंट है। फिलहाल, 6 दिसंबर की तारीख एक बार फिर बंगाल की राजनीति में एक नए विवाद की वजह बन गई है।












