देश की सबसे बड़ी और भरोसेमंद मानी जाने वाली एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) का पूरा सिस्टम इस हफ्ते ताश के पत्तों की तरह बिखर गया है। शनिवार (6 दिसंबर) का दिन हवाई यात्रियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। तकनीकी खामी और पायलटों की भारी कमी के चलते एयरलाइन ने देशभर में 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी हैं। दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर और हैदराबाद जैसे बड़े हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल है। जो लोग शादियों, इमरजेंसी या छुट्टियों के लिए जा रहे थे, वे अब एयरपोर्ट के फर्श पर सोने को मजबूर हैं।
एयरपोर्ट पर हंगामा: “न होटल मिला, न खाना”
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (T1 और T3) और मुंबई के टर्मिनल पर हालात बेकाबू हो गए हैं। यात्रियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग इंडिगो स्टाफ पर चिल्लाते नजर आ रहे हैं। कई यात्रियों का आरोप है कि उनकी फ्लाइट 24 घंटे से लेट है, लेकिन एयरलाइन ने न तो उन्हें होटल दिया और न ही खाने का कूपन। एक यात्री, राजेश शर्मा, जिन्हें दिल्ली से पटना जाना था, ने बताया, “मेरी फ्लाइट सुबह 6 बजे की थी। मैं रात 3 बजे एयरपोर्ट आ गया था। अब दोपहर के 2 बज रहे हैं, फ्लाइट कैंसिल हो गई है और रिफंड के नाम पर हमें एक वेब-लिंक पकड़ा दिया गया है। मेरे घर में शादी है, मैं अब क्या करूं?”
क्यों बिगड़े हालात? (अंदर की बात)
इस पूरे संकट की जड़ में है पायलटों की कमी और नए नियम। दरअसल, डीजीसीए (DGCA) ने पायलटों की थकान कम करने के लिए नए ‘फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट’ (FDTL) नियम लागू करने को कहा था। इंडिगो इन नए नियमों के हिसाब से अपने रोस्टर (ड्यूटी चार्ट) को तैयार करने में पूरी तरह फेल रही। नतीजा यह हुआ कि जहाज तो खड़े हैं, लेकिन उन्हें उड़ाने के लिए पायलट मौजूद नहीं हैं। इंडिगो के पास लगभग 2,000 उड़ानें रोज होती हैं, लेकिन पिछले पांच दिनों से रोजाना 100-200 उड़ानें रद्द हो रही हैं। शनिवार को यह आंकड़ा 400 के पार चला गया।
सरकार का कड़ा एक्शन: 7 दिसंबर तक सब क्लियर करो!
मामले को हाथ से निकलता देख नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने खुद मोर्चा संभाला है। मंत्रालय ने इंडिगो को सख्त निर्देश जारी किए हैं:
- पैसा वापसी की डेडलाइन: सरकार ने आदेश दिया है कि रद्द हुई उड़ानों का पूरा पैसा (Full Refund) यात्रियों के बैंक खातों में 7 दिसंबर, रविवार रात 8 बजे तक वापस आ जाना चाहिए। एयरलाइन अब यात्रियों को ‘क्रेडिट शेल’ (Credit Shell – जिसे बाद में इस्तेमाल किया जाता है) लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकती।
- किराए पर लगाम (Fare Cap): दूसरी एयरलाइंस (जैसे एयर इंडिया, स्पाइसजेट) इस मजबूरी का फायदा उठाकर टिकट महंगे न करें, इसके लिए सरकार ने प्रभावित रूट्स पर किराए की ऊपरी सीमा तय कर दी है।
रेलवे बना सहारा
हवाई यात्रा ठप होने के बाद अब रेलवे ने मोर्चा संभाला है। इंडिगो की रद्दीकरण से मची भगदड़ को संभालने के लिए उत्तर रेलवे (Northern Railway) और दक्षिण मध्य रेलवे ने विशेष ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। दिल्ली से मुंबई, पटना और हावड़ा के लिए अतिरिक्त कोच जोड़े जा रहे हैं ताकि फंसे हुए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।












